रविवार, 20 अप्रैल 2014

मिथिलांचल के लाल









मिथिलांचल  के लाल रमण चलला दुनया में अपन परचम लहरबे के लेल
बेनीपुर, से  : नेपाल के  राजधानी काठमाडू में 29 मई स आयोजित इंटरनेशनल माउंट ऐवरेस्ट मैराथन में भाग लेबाक लेल  घोंघिया गांव निवासी धावक रमणजी यादव शुक्रदिन  काठमाडू रवाना भ गेला । रवाना होए  स पूर्व गांव  हरिपुर में  पहुंचके  शहीद कैप्टन दिलीप कुमार झा के  प्रतिमा पर माल्यार्पण केलेन । इस अवसर पर धावक रमण कहलिन  कि माउंट एवरेस्ट पर होयबाला  मैराथन दौड़ 60 किलोमीटर के अछि । आ एहि  दौड़ में 38 देश के धावक भाग ल रहल छैथ । इंटरनेशनल मैराथन में भाग लेबाक लेल  गत पांच महीनों से तैयारी में जुटल छलु । आब अहा सब के आशीर्वाद चाही रमण के  विदा करबा  के लेल समस्त ग्रामीण संग  शहिद के पिता नथुनी झा  उपस्थित छला ।
अहि से पूर्व ओ कतेक  बेर मिथिलांचल सहित बिहार का नाम किया रौशन क चुकल छैथ
कोलकाता हाफ मैराथन में  रमण जी   भाग लके  बिहार का नाम रौशन केने छल । तीन फरवरी को सुबह सात बजे से शुरू हाफ मैराथन में कुल पंद्रह हजार एथलीटों ने भाग लेने छल । एहिमे रमण जी के  तेरहवां स्थान प्राप्त भेल छल । हुनका  21.097 किमी की दूरी तय करवा  में एक घंटा 23 मिनट 10 सेकेण्ड लागल । कोलकाता हाफ मैराथन में कीनिया, अमेरिका, श्रीलंका, चीन, इंग्लैंड, अफ्रीका  देश के एथलीटों सब  भाग लेने छल । रमण जी मिथला मिरर के  के  कहलिन जे  एहसे  पूर्व  दिल्ली में सेहो मैराथन में सेक्सन सी में पहिल  रैंक प्राप्त केने छलु । इ बात के लके मिथिला में  खुशी के माहोल अछि ।

शनिवार, 12 अप्रैल 2014

जनता निहारि रहल आसमान, राजा भरि रहलाह उड़ान

 
पटना । बिहार में आजादी से पूर्वहि करीब 24टा एयरपोट आ रनवे छल जाहि ठाम स राजा महाराज अपन जहाज से उड़ान भरैत छलाह आ जनता टकटकी लगा आसमान निहारैत छल। एहि चुनावी मौसम पर आजादीक पूर्व क इ नजारा एक बेर फेर ताजा भ जाइत अछि। पटना आ गया एयरपोर्ट जनता लेल खुलल अछि मुदा उत्‍तर बिहार में कोनो एयरपोर्ट जनता लेल नहि अछि, जखनकि पटना एयरपोर्ट पर करीब 65फीसदी यात्री उत्‍तर बिहार क होइत छथि जे गंगा सेतू क जाम कए झेलबा लेल मजबूर छथि। गरमी आ जाम स छटपट करैत एहन जनता आइ जखन आसमान दिस दखैत अछि त ओकरा कईटा उडैत हेलीकॉप्‍अर आ जहाज देखा जाइत अछि जाहि पर राजा गंगा क एहि पार स ओहि पार उड़ैत पहुंच जाइत छथि। हुनका लेल कईटा रनवे अछि आ कईटा हेलीपैड। एहि राजा सबहक उड़ान स पटना एयरपोर्ट क आमदनी सेहो बढल अछि, मुदा राजाक सवारी एयरपोर्ट हैंकर मे नहि ढार भ स्‍टेट हैंगर में ढार भ रहल अछि। जाहि स एयरपोर्ट कए हैंकर शुल्‍क देबा स इ राजा लोकनि बचि जाइत छथि। ल द कए लैंडिंग आ रूट नेविएशन शुल्‍क चुका रहल छथि। मोदी, सोनिया आ राहुल सन महाराजा तक हवाई जहाज स ओहि रनवे पर उतरि रहल छथि जहि पर उतराबाक लेल जनता पता नहि केतबा दिन स सपना सजेने अछि। पटना, गया के अलावा आरा, दरभंगा, पूर्णिया आ भागलपुर एयरपोर्ट भेल जनता लेल उपलब्‍ध नहि अछि मुदा एहि राजा सब लेल इ सदा उपलब्‍ध रहैत अछि। एकटा राजा क बनाउल एहि एयरपोर्ट सब पर दोसर राजा धड़ल्‍ले से उड़ान भरि रहल अछि, मुदा जनता एखनो आसमान निहारबा लेल मजबूर अछि। जनता लेल इ आधारभूत संरचना कखनो सुरक्षा क कारण स त कखनो विभागीय उदासीनता स अनुपयोगी बताउल जाइत रहल अछि। विदेश स उडि कए आयल आ गांधी सेतु पर गर्मी आ जाम में फंसल उत्‍तर बिहार क जनता लेल लोकतंत्र में जनता राजा होइत अछि इ सिद्धांत किताबी अछि, किया त आसमान पर एखनो राजा क सवारी अछि।

शनिवार, 5 अप्रैल 2014

हराही, दिग्घी आ गंगासागर केँ जोड़ला सं बदलत मिथिला

पैघ समय सं ठंडा झोरीमे पड़ल शहरक तीन टा पैघ पोखरि केँ जोड़बाक योजना केँ धरातल पर उतारबाक तैयारी शुरू भऽ गेल अछि। जौँ योजना धरातल पर उतरल तऽ एतुक्का पोखड़िमे समुद्रक नील सन पानि देखबा मे आएत। एहिमे स्वीमिंग क संग नौका विहारक आनंद भेटत। नगर विकास विभाग एकरा संगे कतेको आधुनिक व्यवस्था करबाक योजना बनेलक अछि।
ऐतिहासिक हराही पोखड़िक रकबा 62 बीघा 10 कट्ठा, दिग्घीक 112 बीघा आ गंगासागरक रकबा 78 बीघा 2 कठ्ठा अछि। जौँ योजना पूर्ण भेल तऽ पूरा रकबा 252 बीघा 12 कठ्ठाक भऽ जाएत।
योजना केँ साकार करबा लेल नगर विकास विभाग सीकॉन एजेंसी केँ डीपीआर तैयार करबा लेल अधिकृत केलक अछि। एजेंसी तीनू पोखड़िक सर्वेक्षण केलक अछि। अप्रैलक बाद डीपीआर विभाग केँ सौंप देल जाएत। तीनू पोखड़ि केँ जोड़लाक बाद एक्कर पानि केँ निकालि कऽ गाद केँ साफ कएल जाएत। एकरा बाद एहिमे नील सन पानि देल जाएत। पोखड़ि केँ जोड़बाक ठाम पर फ्लाई ओवरब्रिजक निर्माण होएत। नौका विहारक संगहि, बैसबाक स्थान, मार्निग वाक लेल ट्रैक आदिक योजना अछि।
शहरक महापौरक गौरी पासवानक कहब अछि : 'काज पूरा होएबाक बाद दरभंगा शहर महानगर सन देखाएत। डीपीआर बनेबा लेल एजेंसी स्थलक मुआयना केलक अछि आ बहुतो सुझाव देलक अछि, जेकरा डीपीआर मे जोड़ल जाएत।'